संदीप कुमार सिंह 20 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 40244 0 Hindi :: हिंदी
तुम एक काली नागिन हो दिल में तेरे तूफ़ाँ भरा है। तेज गति से जब तुम चलती हो, हैरत से सारी निगाह देखती है। जो तुम से पंगा लेगा, उसको तुम डस लोगी। बेचारा दुनिया से रुखसत हो जायेगा, तेरे दिल पर खुशियों के फूल खिल जाएगा।। लब तेरे स्याह रंग सा रंगीन है, आँखों में काजल भी भरा है। काले लिबास में तुम काली नागिन हो, काली जुल्फ तो और बवाल है। तुम एक काली नागिन हो, दिल में तेरे तूफ़ाँ भरा है। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....