Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

किसने देखा

Rambriksh Bahadurpuri 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक #Rambriksh Bahadurpuri Kavita #Rambriksh Bahadurpuri Ambedkar Nagar kavita #kis 48351 0 Hindi :: हिंदी

 कविता -किसने देखा?

कल के कल को किसने देखा
ना हमने ना तुमने देखा
जीवन के हर गुणा गणित में
तू -तू, मैं -मै सबने देखा,

बिन मौसम बरसातें देखा
कितने दिन और रातें देखा
बदल गये सूरज चंदा क्या?
बदला क्यों जज्बातें देखा?

बहती सर्द हवाएं देखा 
मौसम और फिजाएं देखा 
क्या? बदलें पूरब पश्चिम ,फिर
ज्यों त्यों शमा दिशाएं देखा ,

बदलें ब्यथा बलांए देखा
सच को पांव फैलाए देखा
ऋतु वसंत आने से पहले
पतझड़ पतित कलाएं देखा,

करवट और मालाएं देखा 
दंगा और सभाएं देखा
बदला क्या कुछ अंत समय में
बहती अश्रु धाराएं देखा,

मधुशाला मधुराई देखा
आम्र बौर बौराई देखा
बदल रही दुनिया में मैंने
बिन बदला ममताई देखा,

गंगा की गंगाई देखा
सागर की गहराई देखा
बदल गया क्या रंग गगन का
या बदला परछाईं देखा,

कान्हा की दो दो मैंयों में 
क्या बदला ममताई देखा
बदल सको तो खुद को बदलो
कब बदला अच्छाई देखा। 

रचनाकार -रामबृक्ष बहादुरपुरी अम्बेडकरनगर यू पी 


Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: