Anilkumar Rathwa (Sameer) 03 Sep 2025 कविताएँ अन्य कल की फ़िक्र नहीं करते हम... 12439 0 Hindi :: हिंदी
कल की फ़िक्र नहीं करते हम, हर दिन को आख़िरी समझ कर जीते हैं। जो पल मिला है वही अमूल्य है, उसी में सपनों की रोशनी बुनते हैं। कल किसने देखा, किसने जाना, आज ही तो जीवन का खज़ाना। हँसते हैं, रोते हैं, गुनगुनाते हैं, हर अहसास को दिल में सजाते हैं। समय की रेत मुट्ठी से फिसलती है, पर जो जी लिया वही संवरती है। ना शिकायत, ना कोई मलाल, बस हर दिन को मानते त्यौहार। तो चलो मुस्कुराएँ, चाहे आँधियाँ आएँ, खुशबू बनकर ये लम्हें महकाएँ। कल की फ़िक्र नहीं करते हम, आज को ही सच्चा जीवन मानते हैं।