Tulasi Seth 30 Oct 2024 कविताएँ दुःखद दिल की बातें 25907 0 Hindi :: हिंदी
हक की आजादी में , न जाने कहां कैद हो गए हैं, उड़ना चाहते थे तितलियां की तरह कटी पतंग सी अब बिखर गए हैं।
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