Pravin Chaubey 25 Jul 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #sahity#new#kavita#poitry#reel# 20794 0 Hindi :: हिंदी
की मुझे पन्नों पे चीखने की आदत सी हो गई है मेरे दर्द इतने गहरे जो थे, उन्हें स्याही से मोहब्बत हो गई है हर अल्फ़ाज़ में बसते हैं मेरे टूटे ख्वाबों के साए, जो लफ़्ज़ों की शक्ल में रोए, उन्हें ख़ामोशी की इबादत हो गई। अब सवाल कोई पूछे भी तो क्या बताऊं उन्हेंजी, मेरे जवाबों को भी तन्हा रातों से मोहब्बत हो गई। - प्रवीण चौबे
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