Komal Kumari 09 Jan 2025 कविताएँ समाजिक 22774 0 Hindi :: हिंदी
जिंदगी एक वरदान है जिसे ईश्वर ने दिया है इस जिंदगी का आनंद रूप कब तक है यह कोई नहीं जानता जिंदगी एक वरदान है जिंदगी के भी कई रूप है जिसे जिंदगी हमें दिखाती हैं कहीं जिंदगी खुशहाल है तो कहीं जिंदगी बेरंग सी है जिंदगी एक वरदान है जिंदगी अपने और ईश्वर के बीच की कड़ी है जिस कड़ी को कलयुग में लोग अपनाना धीरे-धीरे छोड़ रहे हैं जिंदगी हमें जीने का सही मकसद बताती हैं पर न जाने क्यों उसे मकसद की भाषा हमें समझ नहीं आती और हम धीरे-धीरे अपनी अस्तित्व को खो देते हैं जिंदगी के भी दो राह है... एक राह सत्य और दूसरा सत्य सत्य रूपी राह समर्पण, त्याग, प्रेम, अपने -पन प्रेम का प्रतीक है असत्य रूपी राह झूठ, लालच, धोखे का प्रतीक है फिर भी न जाने क्यों इस कलयुग रूपी दुनिया ने सत्य की राह को चुना है जिंदगी एक वरदान है जिंदगी में न जाने क्यों अब वह रंग नहीं दिखता ,जिसमें अपनेपन का मिठास हो वह सच्चाई और ईमानदारी का कोई अस्तित्व नहीं रहा जो जिंदगी का आधार स्तंभ है यूट्यूब सभी कलयुग की भीड़ में अपनी जिंदगी जी रहे हैं पर जिंदगी को जीने के लिए जिंदगी नहीं जी रहे हैं कलयुग की आधुनिकता में फंसे लोग धीरे-धीरे अपनों को और जिंदगी की मज़ा को खोते जा रहे हैं जिंदगी महज सांसों की कड़ी है जो कभी टूट जाए यह कोई नहीं जानता जीना और मरना ही जिंदगी का अटल सत्य है जी सत्य को कभी अस्वीकार नहीं किया जा सकता यही जिंदगी का असली रूप है।
#Mujhko pasand hai khud Ko hi padhna ek kitab hai mujhmein Jo mujhe aajmati hai. @ham Apne jivan ka...