Rambriksh Bahadurpuri 11 Jan 2026 कविताएँ समाजिक #शिक्षा#रोजगार#पढ़ाई#गीत#त्योहार#पर्व#गणतंत्र दिवस#स्वतंत्रता दिवस# 6218 0 Hindi :: हिंदी
जिंदगी में रहेगा अंधेरा
ज्ञान का दीप यदि न जलेगा
न मिटेगी गरीबी मुसीबत
हर कोई जब तलक न पढ़ेगा,
जिंदगी में रहेगा अंधेरा……..
न उमर काम की है यह समझो
न इधर की उधर में तुम उलझो
बांध लो गांठ बस अपने मन में
सबको स्कूल चलना पड़ेगा,
जिंदगी में रहेगा अंधेरा……
न फरक कौन क्या बेटा बेटी
बस पढ़ो छोड़ कर चूल्हा चौकी
सोंच लो बिन पढ़ें जिंदगी का
स्वप्न पूरा नहीं हो सकेगा,
जिंदगी में रहेगा अंधेरा………
जाति मजहब की बढ़ती लड़ाई
पट सकेगी न गहरी यह खाईं
छीन जायेगी सब रोजी रोटी
नासमझ सा भटकना पड़ेगा
जिंदगी में रहेगा अंधेरा………
है समय यह समझने की सबको
लौट कर वक्त आयेगा न फिर
अब चलो द्वार स्कूल के सब
जो मुकद्दर हमारा लिखेगा,
जिंदगी में रहेगा अंधेरा………
रामवृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
9721244478
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...