कुमार किशन कीर्ति 13 Apr 2025 कविताएँ समाजिक जल,जीवन, हरियाली 17030 0 Hindi :: हिंदी
जल ही जीवन है। जल से ही हरियाली है। क्यों इसे बर्बाद करते हो? क्यों नहीं तुम बात समझते हो? सोचो,अगर जल ना होता तब,जीवन कैसा होता! जब इस धरा पर जल है तभी तो जीवन और हरियाली है। चलो,यह संकल्प लेते हैं। जल को बर्बादी से बचाते हैं। सोचो,फिर सोचो... अगर जल ना होता। क्या धरा हरा _भरा रह पाता! : कुमार किशन कीर्ति।