आकाश अगम 22 May 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत #shoonya #akashagam #poetry #hindikavita 46669 0 Hindi :: हिंदी
तुम्हें पता है? जब-जब देखता हूँ तुम्हें देखता हूँ एक उम्मीद के साथ कदाचित् अब हो जाए मुझे प्रेम मगर; तुमसे नहीं; स्वयं से! तुमसे प्रेम करने के लिए जरूरत नहीं तुमसे प्रेम करने की क्योंकि हम अलग ही कहाँ है? जो मैं हूँ, वही तुम हो, वही ये संसार अर्थात् शून्य!