Rakshi 15 Feb 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत 17100 0 Hindi :: हिंदी
इश्क़ दरिया है मुंतजिर है तुम्हारा रात कट गई कांटों पे इंतेज़ार है तुम्हारा बेशक रुठो पर मान भी जाना इश्क़ हैं तुमसे दूर न जाना बात जो तुममें है वो किसी और में कहा तुमसा इस जहां में और कहा वक्त के साथ जो बढ़ता गया वो प्यार है तुम्हारा अब तो मन जाओ ये इश्क है जाना रुखसार परवीन