Ranjana sharma 28 Nov 2024 कविताएँ प्यार-महोब्बत #Google#dard bhari kavita# 20881 0 Hindi :: हिंदी
इश्क ए वफा बाखूबी हमने निभाया
पर तुझे सनम राज क्यों ना आया
मोहब्बत में क्या खूब सजा पाया
जिसे दिल दिया उसी ने ठुकराया
अक्सर तन्हाई में तुझे
याद कर रोते है सनम
तेरी यादें तेरी बातें बड़ा
तड़पाती है सनम
तू नहीं आएगा यही
सोचकर दिल भर जाता है सनम
तेरे बिन कैसे जिए यही
सोचकर दिल घबराता है सनम
आ जा सनम अब आ भी जा
ऐसे भी भला कोई अपनों
को सताता है सनम
देख तेरी राह में हमने
कितने काटें सह लिए
देख तेरी राह में हमने
कितने दिन बीता दिए
क्या तुझे मेरी याद नहीं आती सनम
पलकें भीग कर सुख चुके
आंखे इंतज़ार कर थक चुके
बहारों का मौसम भी आकर जा चुके
तू कब आएगा अब बता सनम
गर तुझे मेरा प्यार मंजूर ना था
तो इतनी आदत ही क्यों लगाया
पहले इस दिल को खुशियों
से भर दिया अब उसी खुशी
को आंसू से क्यों भिगोया
धन्यवाद🙏💔