AAIDAN GOYAL 24 Feb 2025 कविताएँ अन्य प्यार मोहब्बत// जिंदगानी// लव// रहना सीखना 31416 0 Hindi :: हिंदी
यूं तो खूब रुलाया तुमने,कहां नहीं भटकाया तुमने पर!खुश हूं इसी बहाने हमने,गिरकर उठना सीख लिया साल,तेरे बदले ढंगो से,हर पल में रहना सीख लिया... साल तेरे बदले रंगों से,हर पल में रहना सीख लिया... साथ मेरे भगवान भी थे,पर हम इससे अनजान भी थे सबके खातिर भीड़ गये स्वयं,जबकि वो इंसान ही थे झूठी अकड़ भुलाकर हमने,थोड़ा झुकाना सीख लिया साल तेरे बदले रंगों से,रहना रखना सीख लिया... साल तेरे बदले रंगों से,हर पल में रहना सीख लिया... जब मुश्किल अपना उड़ना था,तूफानों की सुनना था पंख बड़े उड़चन में थे,सपनों को वापस मुड़ना था तब जुटाकर हिम्मत शादी हमने,मिलकर उड़ना सीख लिया.. साल तेरे रंगों से हमने हर,पल में रहना सीख लिया.. तुमसे मिल थपेड़ों से,हमने जीना सीख लिया... साल तेरे बदले रंगों से,हर पल में रहना सीख लिया... साल तेरे बदले ढंगो से, हर-पल में रहना सीख लिया...