Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 40833 0 Hindi :: हिंदी
# हे राम ... ...
शाम से हुई सुबह
सुबह से हो गई शाम ...!
हर जुबां पर जनता की
बस बात यही है मान ...!
राज्य सरकार बिजली के ,
केंद्र बढ़ाएं पेट्रोल के दाम...!
दो पाटों में पिसते सत्ता के ,
कहां जाए हम जनता आम...!
सुबह-सुबह ये खबर पढ़के ,
मेरे मुंह से निकला हे राम... हे राम...!