Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

हरी घास की गोब सी तुम

Manisha Singh 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत Shayri, Whatsapp, Status, Latest, news, match, update, google, first, twitter, #gurunankdev jayanti, Hindu 120654 0 Hindi :: हिंदी

हरी घास की गोब सी लहलाती हुई जो तुम आती हो, 
हवा के झोंकों सी कुम्हलाकर, अचानक जो मुझे छू जाती हो 
साँसे थामे रखता हूँ मैं, फिर भी मदमस्त कर जाती हो
हाय! अपनी ये नींदे और अपने होश तो मैं कब का खो बैठा,
हे भगवान! अब समझ नहीं आता, मै पागल हूँ या तुम मुझे बनाती हो | 

तुम्हारी ज़ुल्फो की ये सौंधी सी खुशबु मेरे जीवन को महकाती हैं 
बिख़र जाता हूँ मैं, छोड़ कर मुझे
तुम जब यूँ चली जाती हो
और खिल उठते हैं मेरे ये दिन-रात, नज़र जब मुझे तुम आ जाती हो 
उफ़! अब पता नहीं मैं लिखता हूँ, या तुम मुझसे लिखवाती हो | 

हरी घास की गोब सी लहलाती हुई जो तुम आती हो | | 

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: