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हर जीव में खुद बसा

Preeti singh 23 May 2023 कविताएँ अन्य वाह रे चित्रकार वाह रे तेरी चित्रकारी 27476 0 Hindi :: हिंदी

वाह रे चित्रकार !वाह रे तेरी चित्रकारी कैसे इतनी सुंदर सृष्टि बना डाली


 ना किसी से एक तिनका लिया, ना कोई से उधारी हर जीव में खुद बसा और ली सबकी जिम्मेदारी।

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