Anilkumar Rathwa (Sameer) 31 Oct 2025 कविताएँ अन्य हमारी शेरनियाँ – विजयी बनो 17634 0 Hindi :: हिंदी
मुट्ठी में है आसमान, निगाहों में है जीत, भारत की बेटियाँ लिखेंगी फिर एक नई प्रीत। मैदान में गूंजेगा नाम, “इंडिया! इंडिया!” का, हर चौका बोलेगा गान, मातृभूमि की जय का। पसीने की हर बूँद में है जज़्बा और अरमान, रनों की बारिश से चमकेगा हिंदुस्तान। गेंद हवा में उड़े तो दिल भी उड़ान भरे, हर विकेट पे गूँजे स्वर – “अब कोई न रुके!” ना डर मैदान से, ना सोच नसीब की बात, जो खेलती है दिल से, वो बनती है सौगात। तू रन बनाए, तू रिकॉर्ड तोड़े, देश की लाज है तू — जोश में आगे बढ़े। विश्व कप की Trophy अब भारत के नाम होगी, हर बेटी के हाथ में एक नया पैगाम होगी। “हम भी कर सकते हैं” — ये गूंजे हर घर-द्वार, शेरनियों की हुंकार से गूँजेगा संसार!