Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

हम और हमारी यात्रा

Rambriksh Bahadurpuri 17 May 2025 कविताएँ समाजिक #रामवृक्ष बहादुरपुरी#अम्बेडकरनगर पोइट्री #कविताएं# व्यंग कविता # 18596 0 Hindi :: हिंदी

हम और हमारी यात्रा 

अब,
दिये से सौर ऊर्जा 
सहयोग से खर्चा 
संस्कृति सभ्यता संस्कार से 
अर्धनग्नता स्वार्थ गाली-गलौज 
तक के विकास की कल्पना 
यथार्त हो चुका है,

अब,
"वसुधेव कुटुम्बकम्" 
धर्म जाति नफरत 
के सियासी चाल तले 
दबा चला जा रहा है,

अब,
बाकी है 
इंसान का जंगली होना 
जानवर बनना 
नंगा होना 
बिना रिश्तों का धूमना
और सिद्ध कर देना 
हमारे पूर्वज जानवर थें 
हमारे बुद्धि और विकास 
की खोज की यात्रा 
यहीं तक था। 


        रचनाकार 
  रामवृक्ष बहादुरपुरी 
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: