Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार मोहब्बत इश्क 66453 0 Hindi :: हिंदी
//...हाल-ए-दिल...//
समाज की ,
कुछ बंदिशे
इश्क पर ,
छाती गर्दीशे...!
ना तुम मेरी ,
ना मैं तेरा
हम एक-दूसरे
के भी होके...!
तेरे पास से ,
गुजर कर भी ,
ना अपना ,
कुछ कहा
ना तेरा हाल ,
पूछ सके...!
मगर इतना तो ,
मालूम चले तुम्हें
हम रोए बहुत ,
तन्हा - तन्हा ,
चुपके - चुपके...!
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगांव ( छ. ग.)