Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक सामाजिक 62727 0 Hindi :: हिंदी
//...गुजारिश...//
भले मुझसे ,
मेरी जिंदगी की ,
सारी खुशियां छीन लो
जमाने भर का
सारा दर्द तुम ,
मुझे दे दो...!
मगर ,
तुमसे मेरी ,
एक गुजारिश है
ऐ इंसानों---
इंसानियत के नाम
को और बदनाम
मत होने दो...!!
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगांव (छत्तीसगढ़)