NEM SINGH RAJPUT SARFIRA 04 Oct 2025 कविताएँ अन्य 10936 0 Hindi :: हिंदी
जिंदगी किताब के अधूरे पन्नों की तरह होती है कुछ शब्द बयान करते हैं कुछ शब्द अधूरे रहते हैं कुछ तो रंगीन पक्षियों की तरह होते है कुछ सफेद बगुलों की तरह होते हैं कुछ तो हमसे खुलकर बयान करते हैं कुछ हल्के से इशारों में अपनी पहचान देते है जिंदगी किताब के अधूरी पन्नों की तरह होती है जब मैं निकला था घर से जंगलों के रास्ते तब सुनी थी मैंने कोयल की प्यारी सी कूक तब लगा था मुझे जीवन का प्यारा सा दस्तूर आज भी वह प्यारी सी कूक मुझे सुनाई देती है सुना था मैने कहानी और किस्सों में जीवन का अधूरा रंगीन दस्तूर जिंदगी किताब की अधूरे पन्नों की तरह होती है