Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

दिल ने दिल से कहा- जरा प्यार से रह

संदीप कुमार सिंह 12 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 36603 0 Hindi :: हिंदी

दिल ने दिल से कहा जरा शांत रह,
फिर धड़कन ने कही जरा प्यार से रह।

इतने में आंखों ने कर लिया इशारा,
दूर कहीं नजर आया एक किनारा।

दिमाग ने जरा सोचना शुरू किया,
फिर बहुत सारा ख्याल आया।

ख्यालों में एक छवि उभर आई,
सुन्दर कोमल और बदन गदराई।

फिर होठों पे एक गीत आ गया,
तुझे मैं यूं दिन_रात देखता ही रहूं।

मेरे ख्वाबों की रानी तुम ही तो हो,
तुम्हीं तो मेरी अधूरी कहानी भी हो।

गदराई बदन वाली छवि इतराने लगी,
शर्म और हया भी दिखाने लगी।

इस अदा ने तो मेरे दिल को झांझर कर दी,
मेरे सामने बहार ही बहार नज़र आई।

और मैं मुस्कुराते हुए छवि को अपने और पास बुलाया,
बदले में छवि ने नहीं की आवाज लगाई।

फिर मैंने छवि से गुहार लगाया,
आ जाओ मेरे और करीब आ जाओ।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)
बिहार

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: