Anilkumar Rathwa (Sameer) 28 Aug 2025 कविताएँ अन्य डर के आगे जीत है.. 17248 0 Hindi :: हिंदी
डर से जो हार मान लेता है, वो मंज़िल तक पहुँच नहीं पाता है। जो हिम्मत से कदम बढ़ाता है, वो हर बाधा को पार कर जाता है। अँधेरों से डरकर जो ठहर जाता है, उसके जीवन में सूरज नहीं आता है। पर जो दिल में विश्वास जगाता है, उसके कदमों के आगे संसार झुक जाता है। डर सिर्फ़ मन का एक धोखा है, साहस से बढ़ो, ये ही संजोखा है। याद रखो— डर के आगे ही जीत है, हर सपने के पीछे यही प्रीत है।