Anilkumar Rathwa (Sameer) 02 Sep 2025 कविताएँ अन्य डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन 13269 0 Hindi :: हिंदी
ज्ञान की गंगा के वह सच्चे पुजारी, सरल हृदय, गहन विचारों के अधिकारी। सत्य, धर्म और शिक्षा के दीपक थे, विद्या-मार्ग में उजियारा भरते थे। शिक्षक बनकर जीवन को सजाया, विद्यार्थियों के मन में दीप जलाया। शिक्षा को पूजा और सेवा माना, शिक्षक का दर्ज़ा सबसे ऊँचा ठहराया। राष्ट्रपति की कुर्सी पर भी विनम्र रहे, भारत की गरिमा को नयी राहें दी। शिक्षक दिवस का पर्व उन्हीं से जुड़ा है, जिन्होंने शिक्षक का मान-सम्मान बढ़ाया है। ऐसे महापुरुष को शत्-शत् नमन, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन।