Rakshi 15 Feb 2025 कविताएँ समाजिक 13566 0 Hindi :: हिंदी
चमड़ी रगड़ करता है दमड़ी रंग भरता है भाव महंग करता है स्वभाव दंग करता है अभाव नंग करता है कर्ज तंग करता है रोग क्षीण करता है तर्क सतर्क करता है ज्ञान मान करता है दान महान करता है रुखसार परवीन
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