Archana Singh 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत 48866 0 Hindi :: हिंदी
मन के ख्वाब सुनहरे ... अनायास उलझ - उलझ जाए रे ...! विस्मृत बातें शूल बनकर ... दिल में चुभ जाए रे ....! टूटी हुई तार जीवन की.... फिर कहां राग सुनाए रे ....! तिल - तिल मरते रिश्ते .... सांस कहां से आए रे....! घोर आमावस्या की रातों में .... पूर्णिमा सी चांदनी कहां छाए रे ....! गुजरी हुई समय की कतरन.... बीती बातें याद दिलाए रे ...!! धन्यवाद दोस्तों🙏🙏 स्वरचित : अर्चना सिंह...✍️