Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

भूल हुई उसे भुला दे आगे स्मरन सुधार कर

MKRana 11 May 2023 कविताएँ अन्य #MK Rana 46080 0 Hindi :: हिंदी

भूल हुई उसे भुला दे आगे स्मरन सुधार कर!
डुबती नाईया लौट आएगी  हरियाली की साख पर!!

अभी क्या हो रहा है उस पर कुछ विचार करो!
उजाला ही हमें दुःख देती है अंधेरा चैन की नींद उसे भी दीदार करो!!

पर साथ छुपा है दोनों में इस पर पुनर विचार कर!
परिश्रम में ही सफलता छुपा है इसे भी स्वीकार कर!!

हो प्रधान तुम प्राकृतिक जीवों में तेरे जैसा कोई नहीं!
तुम नहीं कर सकते बना प्राकृतिक में ऐसा कोई काम नहीं!!     
                                     
                     Poem by - Mk rana

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: