Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

भीम

Shivam 11 Apr 2023 कविताएँ धार्मिक 33556 1 5 Hindi :: हिंदी

10000 हाथियों जितना बल था
उसके शरीर में,
हाथ में गदा और धनुष भी रखता साथ में।
पवन देव का अंश है वो बजरंगी का भाई,
 क्या युद्ध में उसे कर सका कोई धराशाई।
 क्रोध में था महाकाल और सौम्य नारायण,
 गदा युद्ध में श्रेष्ठ था तो मल युद्ध में सर्वश्रेष्ठ।
जब मैं लड़ता तो स्वयं काल प्रकट हो जाता था,
 आज इसकी बारी आई है काल निश्चिंत हो जाता था।
 मेरा युद्ध कौशल देख गुरु द्रोण और पितामह मुस्काते थे,
 जो मुझसे लड़ने आते वह लौट के घर ना जाते थे।
अतिरथी योद्धा होकर भी मैं महारथियों से लड़ता था,
 दुर्योधन दुशासन जैसे सभी योद्धाओं को मेरे नाम से डर लगता था।
 दुशासन का खून पिया और दुर्योधन की जंघा तोड़ी,
 ना जाने कितने योद्धाओं की गर्दन  मैने मोडी।
 समझ जाओ महाभारत से ना करो किसी नारी का मान भंग,
 वरना रहो सावधान हर युग में मिलता है इसका दंड।

Comments & Reviews

Rekha
Rekha Bahut aacha likha hai

3 years ago

LikeReply

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: