Sudha Chaudhary 21 Sep 2023 कविताएँ अन्य 33122 2 4.5 Hindi :: हिंदी
भीगा मेरा मन मैं लिखूं क्या ये तन कितनी लहरें आई रोका न गया ये मन। तेरे आने के बाद क्या कौन कहां आए भुला बिसरा है जो याद कहां से आए। मेरा धाम वही प्रिय जिसमें वास तेरा हो तुम मुक्ति के रूप स्वरूप तुम ही से मात मेरा हो। मैं धीरज धरनी तुम भर्ता मेरे नैनो के इस रूप जाल में होते पार न मेरे । सुधा चौधरी बस्ती
2 years ago