RANJIT MAHATO 01 Jan 2025 कविताएँ अन्य बहुत कुछ खो दिया 31773 0 Hindi :: हिंदी
बहुत कुछ खो दिया तो क्या ? जान अभी बाकी है | बहुत कुछ खो दिया तो क्या ? अरमान अभी बाकी है | बहुत कुछ खो दिया तो क्या ? आत्मसम्मान अभी बाकी है | बहुत कुछ खो दिया तो क्या ? सद्ज्ञान अभी बाकी है | बहुत कुछ खो दिया तो क्या ? हिम्मत और धैर्य रूपी , तीर और कमान अभी बाकी है | बहुत कुछ खो दिया तो क्या ? अंदर बैठा भगवान् अभी बाकी है |
My name is Ranjit Mahato and I am self-employed by profession. I have a passion for reading and writ...