Raj Ashok 03 Jun 2023 कविताएँ हास्य-व्यंग कारोबार 30491 0 Hindi :: हिंदी
अपनी तकलीफों को - युहीं ...दोस्त सब के सामने ,उजागर ना करो । लोग हाँस -परिहास करेगे। बडे कारोबारी है , यहाँ दर्द के जिन्हें तुम समझते हो । अपने , मर्ज की कोई दवा लोग वही ,दर्द का कारोबार करगे । सरेआम ,बेचेगे यहा पर , दर्द तुम्हारा ओर ,जेबे अपनी भरगे । बना देगे एक मजाक । ये , जिन्दगी तुम्हारी तुम्तहारी तकलीफो पे । ,फिर खूब हंसेगे । यहाँ पे जहाँ से । है । कुछ मदद कि उम्मीद तुम्हें वही से पैदा होना है । एक नया दर्द । फिर से बनेगा, मुश्किल से यहाँ जीने का से नया रास्ता ।