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बात जब आयी अग्निपरीक्षा की

Ujjwal Kumar 14 Jun 2023 कविताएँ अन्य 29277 1 5 Hindi :: हिंदी

बात जब आयी अग्निपरीक्षा की
तब याद आयी हमें जनकसुता ।
बात जब आयी चीरहरण की
तब याद आयी हमें अग्निसुता ।।
बात जब आयी आत्मसम्मान की
तब याद आयी हमें वनिता ।
बात जब आयी स्त्री सुरक्षा की
तब याद आयी हमें कांता ।।
कब तक स्त्री सारी परीक्षा देती रहेगी ?
कब तक स्त्री सम्मान के लिए भटकती रहेगी ?

✍उज्ज्वल कुमार

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Ujjwal Kumar
Ujjwal Kumar 🙏

2 years ago

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