Meena ahirwar 09 Jul 2024 कविताएँ अन्य कविता- बारिश और बचपन# वस्विकता की झलक# आदि.. 69083 0 Hindi :: हिंदी
बारिश की बूंदों को देख,
मन कितना आनंदित हो जाता हैं l
और उन बूंदों में मन ,
ये भीगने को चाहता हैं l
रोक नहीं पाती हूँ मैं ख़ुद को ,
जब बारिश आ जाती हैं l
मानो जैसे वो बारिश के साथ ,
मेरे बचपन को ले आती हैं. l
बचपन में खूब भीगा करते थे ,
हम मस्ती में l
धीरे - धीरे से वो यादें ,
फ़िर लौट आती है बारिश में l
फ़िक्र ना थी ना चिंता किसी बात की ,
मस्ती में खूब भीगा करते थे l
हम बरसात में ,
मीना अहिरवार,
जिला- छतरपुर (म. प्र) .