मोती लाल साहु 12 Jun 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत अंतर्मन का श्रृंगार- #-inner makeup- कविता- #poetry- खोज- #explore- प्रेरणा- #motivation- आत्म ज्ञान- #self knowledge- मोती- #Moti 16472 0 Hindi :: हिंदी
ये सुंदरता है- अंदर प्रेम का बहता सागर, ये हृदय में है- सुख का स्रोत आनंद का सागर। नैनों में तेरे- जो झलक रही है आभा, वो प्रेम ही तो है- जो कण-कण में है जागा। इस संसार के धन- वैभव में चैन कहां रे बंदे... तू पहचान चिर- इच्छित शांति बसे रे बंदे.... जब प्रिय की- बांँहों में सिमट जाए ये काया, तब जान ले- यही प्रेम की सच्ची माया। होठों पर खिली- जो ये मादक मुस्कान है, वो प्रेम का ही- तो अनुपम वरदान है। तन की हर- धड़कन में बस पिया का नाम हो, यही तो- जीवन का अनुपम संग्राम हो। -मोती