संदीप कुमार सिंह 20 Apr 2023 कविताएँ अन्य मेरी यह कविता समाजिक हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 36180 0 Hindi :: हिंदी
अर्थ बड़ा बलवान है,रहता रुतबा खूब। बड़ों बड़ों को मात दे, सदा दिखें मतलूब।। अर्थ बड़ा बलवान है,आफत भी है हर्ष। अन्तिम सांसें भी कहे,करें सदा उत्कर्ष।। अर्थ बड़ा बलवान है, देता है दृढ़ धाक। जनता में अति रौब हो,उंची रहती नाक।। अर्थ बड़ा बलवान है,बड़े काम के आज। रहता और भविष्य में,बिगड़े कभी न काज।। अर्थ बड़ा बलवान है,सौरभ करता नाम। ख्याति रहे कायम सदा,जाने सकल अवाम।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....