akhilesh Shrivastava 30 Sep 2024 कविताएँ समाजिक आजकल अमीर और गरीब में भेद करना मुश्किल है 46128 0 Hindi :: हिंदी
*कविता*
*अमीर और गरीब*
समाज में अब ऐसी बयार चल गई
अमीर-गरीब की परिभाषा बदल गई
शिक्षा देने वाला शिक्षक गरीब है
शिक्षा पाने वाला विधार्थी अमीर है
वोट देने वाला वोटर गरीब है
वोट मांगने वाला नेता अमीर है
ईमानदार इंसान यहां गरीब है
बेईमान, धोखेबाज यहां अमीर है
इंसानियत के पुजारी यहां गरीब हैं
हैवानियत करने वाले यहां अमीर हैं
दान देने वाला दाता होता अमीर है
मांगने वाला इंसान कहलाता गरीब है
ईश्वर से और धन मांगने वाला
अमीर यहां मन से गरीब है
भिक्षा के बदले दुआ देने वाला
भिखारी यहां मन से अमीर है
धर्मी इंसान यहां पर गरीब हैं
अधर्मी इंसान यहां पर अमीर है
बच्चों को पालने वाले मां बाप गरीब हैं
व्रध्दाश्रम भेजने वाली संतान अमीर है
परिभाषा अमीर -गरीब की बड़ी अजीब है
भ्रम है बहुत कि कौन अमीर कौन गरीब है।
रचियता ---अखिलेश श्रीवास्तव एडवोकेट जयनगर जबलपुर
I am Advocate at jabalpur Madhaya Pradesh. I am interested in sahity and culture and also writing k...