राकेश 29 Jun 2023 कविताएँ समाजिक अकेलापन तन्हाई 53462 0 Hindi :: हिंदी
जब नहीं दिया किसी ने साथ, जब उम्मीद उमंग थी पास, अकेलेपन की वजह से हुई जीवन में मेरी हार। कोई किसी पर ना करें इतना बड़ा अत्याचार, किसी को अकेला ना छोड़ें यह संसार, दो मीठे बोल बोलने से क्या जाता है आपका मेरे सरकार। वृद्धों की जवानों बच्चों से है दरखास्त, समय कम है उनके पास, अब तो उनका अकेलापन खत्म करके करें उन पर दुनिया का सबसे बड़ा एहसान।