Laxmi nishad 27 Jul 2024 कविताएँ अन्य प्रेरणा पर अधारित कविता 138876 0 Hindi :: हिंदी
हर बार मौका दो जिंदगी को , न खुद को कभी निराश करो , तुम्हारे इंतजार में है कही खुशियां ताकत दो अपने पंखों को एक उड़ान और भरों ! किनारों पर खड़े समंदर पार होते नहीं , नभ को निहारने से , चांद - तारे मिलते नहीं ! तोड़ो सीमाओं को खुद को और काबिल करो ! ताकत दो अपने पंखों को, एक उड़ान और भरों ! किस बात का भय रखते हो, क्यों पीछे हटते हो ? क्या कभी संसार में हार किसी की हुई नहीं , क्या केवल तुम ही परास्त हों ? भुजाओं में बल है तुम्हारे भी , ताकत दो अपने पंखों को एक उड़ान और भरों ! चलो माना, तेरे अथक प्रयासों का किस्मत ने ना साथ दिया, तू तिनका - तिनका जोड़ता रहा ! पर निर्दयी आंधियों ने तेरा सर्वस्व उड़ा दिया ! पर देख , गहन अंधकार पर फिर विजयी हुआ है दिवाकर ! तेरे कंठ में प्राण शेष हैं अभी भी लौ तेरी अभी भी है उजागर ! फिर अंत कैसा नव आरम्भ करों ! ताकत दो अपने पंखों को एक उड़ान और भरों !