Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार मोहब्बत इश्क 57161 0 Hindi :: हिंदी
अगर मुझे उसका प्यार मिला होता...!
उसकी चलने की थाप ,
पायल की झनक होती
उसकी हंसने की अदा ,
चूड़ी की खनक होती
उसकी नजरों की गहराई ,
मचलता सागर होता
उसकी मुस्कुराने की अदा ,
खिलता कमल होता ...!
अगर मुझे उसका प्यार मिला होता...!
वो मुझसे दूर होती ,
मैं बेकरार होता
वो मेरे पास होती ,
मैं बेताब होता
वो हर रात ,
एक ख्वाब होती
वो हर चमन ,
महकता गुलाब होता...!
अगर मुझे उसका प्यार मिला होता...!
वो अगर आती ,
मैं हर पल इंतजार करता
वह अगर जाती ,
मैं हर पल आहे भरता
वो अगर खफा होती ,
मैं अपने से शिकवा करता ।
वो अगर मुझे छेड़ती ,
मैं हर पल चुपचाप होता...!
अगर मुझे उसका प्यार मिला होता...!
कली कोई भी हो ,
खिलता कमल होता
फूल हो ना हो ,
महकता चमन होता
उसका प्यार मिला होता ,
ना रोते जख्म होते
वो एक रात मिली होती ,
ना हर रात बेवफा होता...!
अगर मुझे उसका प्यार मिला होता...!
वो मेरी हर शाम की ,
जलती हुई सम्मा होती
मैं उससे रोशन होता ,
वो मेरी रोशनी होती
वो भावनाओं की सर्द में ,
पूनम की चांद होती
मैं भावनाओं की तपिश में ,
सुबह का सूरज होता...!
अगर मुझे उसका प्यार मिला होता...!
ना दिन को चैन ,
ना रात को घूमता होता
ना हर गली बदनाम होता ,
ना बदनाम में इक नाम होता
ना हर जगह नाकाम ,
ना हर बाजार सरेआम होता
ना हर वक्त उदास ,
ना महफिलों में खामोश होता ...!
अगर मुझे उसका प्यार मिला होता...!
चिन्ता नेताम "मन"
डोंगरगांव (छ. ग.)