Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

आग तो भीतर में होनी ही चाहिए

Trilok Chand Jain 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम Desh bhakti 39630 0 Hindi :: हिंदी

आग तो भीतर में होनी ही चाहिए
मातृभूमि के गुरूर की
जोश और जुनून की
उसमें ही नहीं, तुझमें भी
तुझमें ही नहीं, मुझमें भी
ये ही तो आग है जो
स्वाभिमान की तपन देती है
देशभक्ति की अगन देती है
झुकने नहीं देती, रुकने नहीं देती
टूटने नहीं देती, मिटने नहीं देती
इतिहास गवाह है, इस आग का
फन कुचला है, आतताई नाग का
वो पन्नाधाय की, सुत बलिदानी देख लो
वो राणा प्रताप की, अमर कहानी देख लो
वो सुखदेव, राजगुरु और भगत सिंह की फांसी
नन्हे बालक संग रण में, लड़ने वाली रानी झांसी
जलाके रखी भीतर में, इन्होंने देशभक्ति की लौ
तभी तो आदर्श हैं आज, स्थान है अनेक दिलों
यह आग हमको भी जलानी है
अपनी भी कुछ लिखनी कहानी है
शहीद नहीं हो सकते तो, विश्वास तो भीतर भरना है
मातृभूमि की संस्कृति की, ताउम्र ही रक्षा करना है

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: