Laxmi nishad 26 Jul 2024 कविताएँ अन्य प्रेरणा और प्रयास पर अधारित कविता 197055 0 Hindi :: हिंदी
ये आसमां छीन गया तो क्या ? नया ढूंढ़ लेंगे , हम वो परिंदे नहीं जो उड़ना छोड़ देंगे ।। मत पूछ हौंसले हमारे आज कितने विश्रब्ध है , एक नयी शुरुआत ,नया आरम्भ तय है ---- माना अभी हम निः शब्द है ! ये पारावर छुट गया तो क्या? नया सागर ढूंढ लेंगे , हम वो कश्तियां नहीं जो तैरना छोड़ देंगे! ! कदम चलते रहेंगे --- जब तक श्वास है , परिस्थिति से परे स्वयं पर हमें विश्वास है, एक रास्ता मिला नहीं तो क्या नई राहे ढूंढ लेंगे , हम वो मुसाफिर नहीं जो, चलना छोड़ देंगे । ख्वाबों को महकता रखते हैं, हम मंजिलों से रास्ता रखते हैं, नशा हमें हमारी फितरत का , हर हाल करती हैं बुलंद --- इरादा जीवन का ! ये मुकाम नहीं हासिल तो क्या? नये ठिकाने ढूंढ लेंगे , हम वो शय नहीं जो अपनी तलाश छोड़ देंगे !!