Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

आरजू की जंग

संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता पाठकों के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी। 123353 0 Hindi :: हिंदी

आरजू की हद हो गई,
विचारों ने संग्रह में धावा बोला।
चाहतों के फूल ने खुशबू बिखेरी,
हद यह खेल मजाक हो गया।
रंग_बेरंग सी मन हो गया,
उलझनों ने भी हद कर दी।
पर दिल की आह,
अफसोच की तर्ज ले ली।
मायूस हो यूं बेरंग हो गया,
फिर अनुभव के तीर ने,
सारे किस्से जगा दिए।
प्रमसत्य का भान कराया,
मनो में नवजीवन का संचार कराया।
फिर तो गजब यह राह हो गया,
जिन्दगी फूलों का सौगात हो गया।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: