shivkumar barman 13 May 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #कविता95 #कविता #कविता_हिंदी 20084 0 Hindi :: हिंदी
मेरी आरजू अधूरी है तेरी वो तलास अधूरी है मेरे अरमान , मेरी अधूरी अधूरे हैं , तेरे बिना मेरे ये सारे सपने अधूरे है सब कुछ पा कर भी मेरा कुछ नहीं है मैंने जिंदगी जीने के कुछ ख्वाब सज़ाये है ना जाने क्यूं ? मेरा नसीब भी अपना नहीं है लगता वो भी साथ हो कर भी रहा अधूरा मेरी ये दास्तान भी तो अधूरी है मेरी ये महोब्बत भी तो तेरे बगैर अधूरी सी थी मेरी ये इश्क की दास्तान भी अधूरी थी देखे अब हम अपने नसीब से कब सजे अधूरे ख्वाब हैं ये जिंदगी को हमने तो उन उदासियों में ही गुजारी है