मनोज कुमार यकता 01 Mar 2026 कविताएँ अन्य होली, होली पर्व उत्सव, फाल्गुन त्योहार 7514 0 Hindi :: हिंदी
सारा जहाँ झूमे वहाँ, मस्ती मिले रहूँ तहाँ, रंगों से लोटपोट हो जाएँ, पास आओ ऐसे हम खो जाएँ , देखें जमाना हमको कभी , खोए रहे देख छूटे हँसी , डोले हम ई मन डोले कहीं, आई रे होली ,बन के हमजोली । रहे नशे में दिल होवे ठिठोली ।। खुशियों भरा ये मौसम है जो , आओ मिटाए ये ग़म है जो , जो भी कसक है रंग में धुले , ऐसे मिले न हो कोई गिले , उड़े गुलाल आसमां हो लाल , मस्ताना रहे हम दीवाना रहे , आई रे होली ,बन के हमजोली । रहे नशे में दिल होवे ठिठोली ।। मिल जाए हम एक दूजे के साथ , छोड़े मायूसी रख के हाथों में हाथ , भूल जाए बैर सारे जो किए जमाने में , तोड़े हम चुप्पी सारी लिखे अफसाने में , आई रे होली ,बन के हमजोली । रहे नशे में दिल होवे ठिठोली ।। मनोज कुमार यकता