Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 82123 0 Hindi :: हिंदी
प्रस्तुत है "मजदूर दिवस" पर जिसे छत्तीसगढ़ सरकार "बोरे बासी दिवस" के रूप में मना रही है पर एक छोटी सी रचना......
# बोरे बासी दिवस / मजदूर दिवस...
तोला मुबारक मोरे साथी ,
बटकी-बटकी बोरे बासी ...!
रात के भात में
डार के नून पानी ,
बिहनिया बिहनिया
देवे नानी ...!
मन भर के एला
बल्लू दबाए
संग चेंच भाजी
अऊ अथान चानी ...!
गर्मी में सब ला सुहाय ,
का लइका का महतारी ...!
बनिहारी के जीवन रेखा ,
बनथे ग ये संगवारी ...!
आमा चटनी चेंच भाजी ,
गर्मी म लगाए आगी ...!
हल्का होते जल्दी पचथे
नई होवे एमें सर्दी खांसी ...!
तोला मुबारक मोरे साथी ,
बटकी-बटकी बोरे बासी ...!
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगांव (छत्तीसगढ़)