संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक मेरी कविता प्रेरणा से भरपूर है जो पाठकों के लिए बहुत ही उपयोगी रहेगा। 107951 0 Hindi :: हिंदी
वृंदावन सुखधाम है, जहां अटल अभिराम। राधा रमण निवास से, कण कण है गुलफाम।। वृंदावन सुखधाम है,सुन्दर मृदुल स्वभाव। प्रेम धार में मग्न सब,करते श्याम लगाव।। वृंदावन सुखधाम है, जर्रा जर्रा खास। मस्ती का आलम रहे,हृदय बसे विश्वास।। वृंदावन सुखधाम है,राधा रानी धाम। मधुसूदन का साथ है,बरसे हित का जाम।। वृंदावन सुखधाम है,बहे भक्ति की धार। माता श्यामा की कृपा,से मन हो गुलजार।। संदीप कुमार सिंह ✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....