Suresh marandi 09 Jul 2025 कहानियाँ दुःखद खुद का दुखात भारी कहानी 12921 0 Hindi :: हिंदी
मैं एक छोटा सा गांव का किशन का तीसरा बेटा हूं, मेरा गांव,, भोरा टंड,,झारखंड से विलोंग करता हूं, १).मैं अपने घर से बाहर कामयाबी हासिल करने के लिए निकलता हूं तो मेरे पीछे पीछे समस्या का सामना करना पड़ता है। २).मैं जब भी अपना काम में लग जाता हूं तो कुछ दिनों/महीनो के अंदर हमको कुछ न कुछ समस्या होती है। ३).२०२१/१०२२ में हमको कोरोना के कल में हमको घेर लिया। और हमको काफी दुख भरी दर्द सहन करना पड़ा। ४).२०२५ में हमको अचानक ही छोटी माता viras घेर लिया,