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मनोज और रानी की जिन्दगी

संदीप कुमार सिंह 12 Jun 2023 कहानियाँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कहानी बहुत ही रोमांचक है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी रोमांचित होंगें। 31708 0 Hindi :: हिंदी

किसी राज्य के किसी शहर की यह सनसनी खेज कहानी है। मनोज नाम का एक व्यक्ति था। जो कि काफी मिलनसार एवम् नेक दिल इंसान था। उसकी पत्नी का नाम रानी था। दानों पहले प्रेमी थे, बाद में शादी के बंधन में बंध गए। दोनों का पारिवारिक जिंदगी मंगल मय चल रही थी। मनोज किसी कम्पनी में काम करता था। वह सुबह घर से 09बजे निकल जाता एवम् शाम को 05बजे घर लौटता था। इधर 08घंटा के दरमियान रानी बोर हो जाती थी। तो कभी_काल वह अपने गेट पर आ खड़ी हो बाहर का नजारा देखने लगती थी। एक दिन उसी रास्ते से उसी मुहल्ले का एक नवयुवक मोहन अपने कालेज के लिए जा रहा था और उस समय रानी रूम के गेट पर खड़ी थी तभी दोनों की नयना चार हो गई। रानी को मोहन बहुत ही आकर्षक लगा और मोहन को रानी बहुत ही आकर्षक लगी। अब दूसरे दिन भी यही सिलसिला जारी रहा। एवम् प्रकारेन चार_पांच दिन के बाद मोहन के मन में यह बात आई की आज भाभी को टोक कर हाल_चाल पूछा जाय। मोहन अपने बाइक को रोका और हंस कर भाभी जी नमस्ते कहा। भाभी ने भी तुरंत नमस्ते का जवाब नमस्ते से दिया। फिर पूछा भाभी आप कैसे हैं? भाभी ने भी उत्तर में बोली ठीक हूं। फिर भाभी ने पूछी क्या काम है? और आप कौन हो? मोहन ने फिर अपना परिचय दिया और बताया की दो_चार दिन से मेरे दिल में आपके लिए अत्यधिक प्रेम उभर रहा है। जब आप से आंखें चार होती है तभी से मेरी नजर के सामने आप ही आप नजर आती हो। न ही कालेज में मन लगता है न ही घर पर। यह सब सुन रानी विस्मित नजरों से मोहन को देखने लगी। इतना में मोहन एक प्रेम_पत्र रानी को दिया। और बोला भाभी एक ग्लास पानी दीजिए। भाभी तुरंत पानी लाई और मोहन पानी पीया तथा कालेज के लिए रवाना हो गया। मोहन के जाते ही रानी  प्रेम_पत्र खोल कर पढ़ने लगी। जिसमें लिखा था I Love You Bhabhi. भाभी अब आपके बिन जिन्दगी जीना मुश्किल है। जहां आप हो वहीं मेरी आत्मा रहती है। वैसे तो पहली नज़र से ही मोहन भी रानी के दिल पर छा गया था। और अब मोहन का इतना सारा प्यार देखकर तो वह खुशी से फूले न समा रही थी। अब दोनों एक_दूसरे से खुल गए और खूब प्रेम भरा बात करने लगे। इधर जब मनोज घर शाम को आता तो रानी वैसी ही लगती थी। तनिक भी कोई परिवर्तन देखने को मनोज को नहीं मिलता था। रानी तो मनोज के साथ त्यों ही पूर्वत रहती थी। इधर रानी और मोहन का प्रेम बहुत ही आगे बढ़ चुका था। अब कालेज जाने के बजाय मोहन दोपहर के समय रानी के घर पर ही रुक जाया करता था। दोनों ने प्यार में इस कदर बेहोश हुआ की शारीरिक संबंध भी बना लिया। फिर तो यह सिलसिला बेलगाम घोड़ा के तरह बढ़ता ही गया। एक दिन रानी को पता चला की वह तो पेट से हो गई है। जब यह बात रानी ने मोहन से बताई तो मोहन उदास हो गया और बोला अब क्या करें। रानी मोहन को अपने से शादी करने को कहने लगी। मोहन तो घर वालों के भय से शादी नहीं किया। यहां तक की रानी मोहन को कहीं भगाने के लिए कह रही थी। पर मोहन में इतना साहस नहीं था, वह घर बालों के डर से अब रानी वाला रास्ता से गुजरना भी बंद कर दिया था। धीरे_धीरे रानी का पेट बढ़ने लगा था। अब रानी समझ गई की मोहन साथ निभाने वाला नहीं है। और अपने नाजायज सम्बन्ध को मन ही मन पचा ली थी। और बहुत ही खुशी से मनोज को यह खुशखबरी सुनाई की मनोज अब तुम बाप बनने वाले हो। खुशी भरी यह बात सुन मनोज भी बहुत खुश हुआ। और मनोज अब हर महीने रानी को डाक्टर से चेकअप भी करवाता था ताकि बच्चा_जच्चा बिल्कुल ही ठीक रहे। और अंत में वह समय भी आया जब रानी ने एक बालक को जन्म दिया। इस तरह से मनोज और रानी की जिन्दगी नए मेहमान के आगमन से और भी हसीन हो गई थी। लेकिन एक राज इन हसीन जिन्दगी को आँखें फाड़ कर देखता और अट्टाहस कर हंसता।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)
बिहार

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