Komal Kumari 19 Nov 2025 कहानियाँ समाजिक 8650 0 Hindi :: हिंदी
सुनो 🙉 हमारे समाज का हकीकत कुछ ऐसा है शुरुआत में एक बेटी' बाप पापा' की परी और बेटा 'मां का राजा' होता है ! फिर वक्त ने ली करवट 25 की उम्र आते-आते 'बेटी शादी के काबिल' और 'बेटा कमाने लायक' बना दिया जाता है ! फिर जब वक्त के रफ्तार की तुलना में जिंदगी की रफ्तार थमने लगती है 28 की उम्र के बाद समाज की नजरों में सवाल होता है ? अब तक लड़की की शादी नहीं हुई ? लड़का जॉब करता है ? फिर बेटी हो या बेटा वह सिर्फ एक इंसान नहीं रह जाते बल्कि बोझ समझ लिए जाते हैं 🥺 परिवार पर भी समाज पर भी।
#Mujhko pasand hai khud Ko hi padhna ek kitab hai mujhmein Jo mujhe aajmati hai. @ham Apne jivan ka...