Mohan pathak 30 Mar 2023 कहानियाँ अन्य रहस्य रोमांच 64578 0 Hindi :: हिंदी
दिव्य मच्छर बहुत समय पहले एक विशाल जंगल में बेहद शक्तिशाली पांच शेर रहते थे।पांचों शेर अपनी अपनी विशेष प्रकार के रहा सहन के लिए जाने जाते थे।पांचों शेर किसी से कम नहीं थे।वे पांचों अपनी अपनी शक्तियों के लिए जाने जाते थे।उनके निर्देशन में ही उस जंगल का राज काज निर्धारित होता।पूरा जंगल बहुत से छोटे छोटे क्षेत्रों में बंटा था।उन क्षेत्रों में छोटे छोटे शेरों का अधिपत्य था।जंगल के अन्य शेर उन्हीं की आज्ञा का पालन करते थे। ऐसा न करने पर उन्हें उनके दण्ड का भोगी बनना पड़ता था।पांचों की अपनी अपनी शक्ति, समृद्धि और अस्तित्व पूरे जंगल में व्याप्त था। प्रत्येक का अपना अपना क्षेत्र था,वे ही अपने अपने क्षेत्र के महाराज कहलाते थे। जब वे पांचों शेर अपनीआर्थिक, सामाजिक,सामरिक और भेाैतिक समृद्धि के उच्चतम शिखर पर पहुंच गए तो उन्हें यह चिंता सताने लगी कि कहीं कुछ छोटे महत्वाकांक्षी शेर भी उन्नति का आयाम चढ़ते चढ़ते उनके बराबर में आकर खड़े हो गए तो उनका अस्तित्व मिट्टी में मिल जाएगा।इस चिन्ता से मुक्ति के लिए उन पांचों ने कुछ छोटे शेरों को अपने विश्वास में लेकर पूरे जंगल के लिए एक वैश्विक संगठन गठित किया। इस संगठन के शेर खुद ही बन गए।अब अन्य सभी शेर बिना संगठन की अनुमति के अपनी किसी भी प्रकार की प्रगति के लिए उन पांचों शेरों पर निर्भर थे। जब भी कोई छोटा शेर अपनी आर्थिक या सामरिक ताकत बढ़ाने का निर्णय लेते तो ये पांचों शेरों में से कोई न कोई अपनी टांग अड़ा देता था।असल में इन पांचों ने उस वैश्विक संगठन में अपने लिए एक विशेषाधिकार निश्चित किया हुआ था। यदि कोई शेर अपनी आर्थिक या सामरिक प्रगति का प्रस्ताव इस संगठन के पटल पर रखता तो इन पांचों शेरों में से कोई न कोई अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर उसे अस्वीकृत कर देते थे। इस प्रकार वर्षों तक पूरे जंगल में उनका वर्चस्व चलता रहा। उन पांचों शेरों ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए दिव्यास्त्र प्राप्त कर लिए।वे अपनी सामरिक और व्यापारिक शक्तियों का प्रयोग कर छोटे शेरों का शोषण करने लगे।जब भी कोई शेर अपनी शक्ति दिखता तो उसे जंगल की अशांति में बाधक समझा जाता। ऐसा अधिक दिनों तक नहीं चल पाया तो इन्हें अपने विश्वास में लेकर शेरों को कभी कभी अपनी खाई हड्डियां प्रदान कर दी जाती।इससे उन्हें लगता ये हमारे हितैषी हैं।समय समय पर हमारी मदद करते रहते हैं।कुछ अति उत्साही और महत्वाकांक्षी शेरों ने इनकी परवाह किए बिना अपनी सामरिक और आर्थिक शक्तियां हासिल कर ली। चोरी छिपे अपनी शक्ति बढ़ाते रहे। जब उन्हें लगा कि ये छोटे शेर ही एक दिन हमारे लिए मुसीबतों का पहाड़ खड़ा करेंगे तो उन पर संगठन के नाम पर तरह तरह की पाबंदियां लगाई जाने लगी। परन्तु महत्वाकांक्षी शेर कहां चुप बैठने वाले थे। वे भी तो आखिर उन्हीं की जाति के थे। उन्होंने भी उनकी तरह ही सामरिक और आर्थिक शक्तियां हासिल कर ली। नए शेरों का अधिपत्य बढ़ने से पांचों शेरों की एकता में बिघ्न पड़ने लगा वे अब अपनी अपनी सामरिक शक्तियां बढ़ाने में लग गए।अन्य शेरों को लगने लगा कि अब ये अकेले पड़ जाएंगे तो हमारे प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय देंगे। ये शेर दिखाने के लिए अलग थलग दिखाई देते ।वास्तव में ये किसी कूटनीतिक निर्णय के समय एक दिखाई देते।जैसे जैसे छोटे शेर अपनी ताकत बढ़ाते इनकी चिन्ता बढ़ती जाती। इन शेरों ने छोटे शेरों को अपनी अपनी ताकत का भय दिखाना शुरू किया। इन शेरों की ताकत से भय भीत हो उन्होंने अपनी ताकत बढ़ाने के लिए उन्हीं शेरों की ओर हाथ फैलाया। इसे अच्छा अवसर जान कर उन शेरों ने अपने कुछ दिव्यास्त्र इन्हें ऊंची ऊंची कीमतों में बेच दिये। ताकि ये आर्थिक रूप से कमजोर होते जाएं।अपने यहां एक से बढ़कर एक विमान तैयार करते और ऊंची ऊंची कीमतों पर इन छोटे शेरों को बेचते।जिससे इनके राज्यों का अधिकांश धन इन गैर जरूरी संसाधनों को जोड़ने में खर्च होने लगा। और शेरों की प्रगति का पहिया वहीं का वहीं रुक गया। कुछ शेर फिर भी उठने और बड़े शेरों की बराबरी का सपना देखने लगे तो उनके राज्यों में उन्हीं के जंगल के कुछ लालची भेड़ियों से उनके राज्य पर हमला करवा देते। इन हमलों को उनके पड़ोसी शेरों की चाल बताकर पड़ोसी को पड़ोसी से ही लड़ा देते। छोटे शेरों को लगा कि पड़ोसी शेरों से ही खतरा है।वे कभी भी बड़ा हमला कर सकते हैं तो उन्होंने अपनी अपनी सामरिक शक्ति बढ़ाना ही उचित समझा। उनके इस उद्देश्य में पांचों शेर किसी न किसी छोटे शेर को अपने दिव्यास्त्र और विमान आदि हथियारों की बिक्री करने लगे।इस प्रकार वे पांचों एक तीर से दो शिकार करने में लगे थे।एक ओर अपने मित्र शेरों की मदद का ढोंग और दूसरी ओर अपना व्यापारिक शक्ति में वृद्धि करने लगे।छोटे शेर अपने उन ढोंगी शेरों की मदद से पड़ोसी शेरों को सबक सिखाना चाह रहे थे।उनकी यह तमन्ना कभी पूरी नहीं हो रही थी।इस प्रकार पांचों शेर छोटे शेरों को आर्थिक रूप से कंगाल करने में लगे थे।छोटे शेरों के राज्यों के भेड़ियों की मदद से वे अपने मकसद में कामयाब होते जा रहे थे। Xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx छोटे शेरों में कुछ शेर पांचों शेरों की कूटनीति को समझने लगे थे। इन शेरों ने अपनी कूटनीतिक चालाकी से पांचों शेरों की एकता में खलल पैदा करना शुरू कर दिया।एक शेर ने तो वैश्विक संगठन की दलीलों को न मानते हुए अपनी सामरिक और वैज्ञानिक शक्ति बढ़ा कर इन शेरों को चुनौती दे डाली। पांचों शेरों ने मिलकर उस पर तरह तरह के प्रतिबन्ध लगाए।किन्तु वह विचलित नहीं हुआ।उसने अकेले के दाम पर सबसे लोहा लेने की ठान ली।दूसरी ओर छोटे शेरों ने भी अपनी अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कुछ छोटे संगठन तैयार कर लिए ताकि समय आने पर मिलकर बड़े शेरों का सामना किया जा सके। परिणामस्वरूप पांचों शेरों की एकता कायम न रह सकी।जब उन्हें लगा कि वे अपने मकसद में सफल नहीं हो पा रहे हैं तो छोटे शेरों से ही मित्रता का अभिनय करने लगे। कुछ छोटे शेर इन्हीं बड़े शेरों के रहमो करम पर पल रहे थे। वहीं कुछ अपनी शक्ति अब भी बढ़ाने में लगे थे। जब बड़े शेरों को लगा कि कुछ छोटे शेर अपनी ताकत बढ़ाते जा रहे है, और अब तो हमारी बराबरी भी करने लगे हैं तो प्रत्येक शेर ने अपने अपने ढंग से उन्हें परेशान करना शुरू किया। उनके इस काम में छोटे शेरों के राज्य में निवास करने वाले कुछ लालची भेड़ियों ने उनकी मदद की। उन्हीं की मदद से वे इन राज्यों में अराजकता फैलाने लगे। Xxxxxxxxxxxxxxxxxxxxx बहुत साल बीत जाने पर जब कुछ छोटे शेर बड़े शेरों की तरह शक्तिशाली होते गए तो बड़े शेरों को अपनी अपनी चिन्ता सताने लगी। अब हर बड़ा शेर अपनी अपनी शक्ति बढ़ाने में लगा था। प्रत्येक की इच्छा सुपर शेर बनने की थी।उधर छोटे शेरों में भी कुछ सुपर बनने की चाहत पाले थे। एक से बढ़ कर एक गुप्त हथियार तैयार करने में लगे थे।ताकि अवसर आने पर उन हथियारों के बल पर पूरे जंगल का अकेला सुपर शेर बना रहे। इसी प्रयास में उनमें से किसी एक बड़े शेर ने अपने तप और साधना के बल पर एक दिव्य मच्छर पैदा किया। वह मच्छर जिस किसी जानवर को काटता तो कई और उसके सामान मच्छर पैदा हो जाते। उनके द्वारा काटे गए जानवर संक्रमित हो जाते। बहुत से मच्छर उन जानवरों पर चिपक जैसे जाते। उनमें एक सामान्य सी प्रतीत होने वाली बीमारी के लक्षण दिखाई देते।किन्तु कुछ ही दिनों में उनकी मृत्यु हो जाती। उन जानवरों के सम्पर्क में जो भी आता वह भी संक्रमित हो जाता। वे जानवर जहां भी जाते उस क्षेत्र में संक्रमण तेजी से फैल जाता। उस शेर ने बड़ी चालाकी से कुछ संक्रमित जानवरों को दूसरे शेरों के क्षेत्र में भी पहुंचा दिया ताकि यह संक्रमण पूरे जंगल में फैल जाय।इस प्रकारअब पूरे जंगल के जानवर एक एक कर मौत के मुंह पर चले जा रहे थे। संक्रमण किसी के नियंत्रण में नहीं आ रहा था। यहां तक कि शेरों को भी अपनी जान बचाना मुश्किल हो रहा था। जब कोई उपाय नहीं सूझा तो सभी शेरों ने अपना अपना जंगल पूरी तरह बन्द कर दिया।सबको हिदायत दी कि कोई भी अपनी गुफा से बाहर नहीं निकलेगा। ताकि संक्रमण से बचा जा सके। संक्रमण से बचने के लिए एक विशेष प्रकार का कवच तैयार किया। जिसे पहन कर जाने से संक्रमण नहीं हो पाता था। कुछ शेर उस संक्रमण का अचूक इलाज और दवा तैयार करने में लग गए। इस स्थिति में छोटे बड़े सभी शेर एक सी स्थिति में आ गए।सबको अहसास हो गया कि हमारे एक से बढ़कर एक दिव्यास्त्र किसी काम के नहीं।एक छोटा सा जीव हमें हमारी औकात दिखा गया।