Raj Ashok 10 Jul 2024 शायरी हास्य-व्यंग डर पतंगे का 52963 0 Hindi :: हिंदी
हम तो सूखी घास है । साहब डर पतंगे का हैं।। जाने कब राख हो जाए चलें थोड़ी सी हवा जरा से घुंऐ से आग हो जाए फिर तबाही में शामिल होगा । वों हर कोई जो पास हमारे है।
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Jai jai ho...